उत्तराखंड में जनजातीय समुदायों के हितों को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग सामने आई है। मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर राज्य में अलग जनजाति कार्य मंत्रालय स्थापित करने की मांग की है। मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश सिंह राणा की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उत्तराखंड में थारू, बुक्सा, जौनसारी, भोटिया और राजी जैसी अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए विशेष योजनाओं की आवश्यकता है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि केंद्र सरकार जनजातीय समुदायों के विकास के लिए अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय के माध्यम से विभिन्न योजनाएं संचालित करती है। इसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी जनजातीय समुदायों की समस्याओं के प्रभावी समाधान और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पृथक जनजाति कार्य मंत्रालय का गठन किया जाना चाहिए। संस्था का कहना है कि इससे जनजातीय समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और अधिकारों से जुड़े कार्यों को अधिक मजबूती मिलेगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि समाज कल्याण मंत्री, मुख्य सचिव और समाज कल्याण विभाग के सचिव को भी भेजी गई है। तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने बताया कि थारू जनजाति समाज के लोगों ने पृथक जनजाति मंत्रालय बनाने की मांग रखी है। वहीं संस्था के वारिश उपाध्यक्ष रमेश सिंह राणा ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी से अपनी मांग रखी।
मुख्यमंत्री से की गई पृथक जनजाति मंत्रालय बनाने की मांग
