गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। राजकीय पॉलिटेक्निक गणाई गंगोली में बी.फार्मा के पहले बैच को पढ़ाने के लिए अनुदेशक (इंस्ट्रक्टर) नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब कोई अनुदेशक ही नियुक्त नहीं किया गया है तो बच्चों को इस ट्रेड में एडमिशन क्यों दे दिया गया।
वर्ष 2007 से प्रारंभ हुए पॉलिटेक्निक गणाई गंगोली में इसी सत्र से बी-फार्मा ट्रेड शुरू हुआ है। इसके पहले बैच में 25 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। इनमें दूरदराज और गणाई गंगोली से बाहर के इलाकों से आए विद्यार्थी भी शामिल हैं। प्रवेश लेने के बावजूद अब पढ़ाने के लिए कोई अनुदेशक नहीं होने से छात्र-छात्राएं और अभिभावक परेशान हैं। वे इसे अपने साथ एक तरह की धोखाधड़ी करार दे रहे हैं। समस्या को हल करने के लिए अब क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधि आंदोलन का रास्ता अपनाने की बात करने लगी है।
