देहरादून में रसूख और फर्जीवाड़े का एक ऐसा कॉकटेल पकड़ा गया है, जिसने कानून व्यवस्था की नाक में दम कर रखा था। उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी का बेटा आर. यशोवर्धन खुद को IPS, RAW एजेंट और न जाने क्या-क्या बताकर जनता की जेबें साफ करने का ‘खिलाड़ी’ निकला। UPSC क्लियर नहीं हुआ तो क्या: पिता की लाल बत्ती देखी थी, तो खुद का ‘स्पेशल सिलेक्शन’ करके आईपीएस की वर्दी ही सिलवा ली एक महिला डॉक्टर को रक्षा मंत्रालय में नौकरी का झांसा देकर और एक बेबस छात्र को स्टार्टअप के नाम पर लाखों का चूना लगा दिया। बरामदगी की दुकान: 5 फर्जी आईकार्ड, 8 विजिटिंग कार्ड, वायरलेस सेट और 3 जोड़ी सेना-पैरामिलिट्री की वर्दी। मतलब पूरी फिल्म का वन-मैन शो अकेले ही चला रहा था!पूर्व आईएएस पिता का नाम और रसूख भी इस नटवरलाल के काम नहीं आया। साहब का ‘IPS बनने का सपना’ तो अधूरा रह गया, लेकिन अब सलाखों के पीछे ‘कैदी नंबर’ बनने का शौक देहरादून पुलिस ने बखूबी पूरा कर दिया है।
