हिंदू नेशनल स्कूल, देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव एवं रावण दहन कार्यक्रम में पहुँच कर उपस्थित देवतुल्य जनता को संबोधित किया और विजयादशमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

विजयादशमी का पर्व हमें स्मरण कराता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य, धर्म और सदाचार की ही होती है। रावण दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मकता का त्याग कर जीवन में सत्य, मर्यादा और सद्भाव को अपनाने का संकल्प है।
