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उत्तराखंड में बेटियों की बढ़ी भागीदारी, जन्म के समय लिंगानुपात में देश का सबसे तेज सुधार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एसआरएस रिपोर्ट में उत्तराखंड के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जन्म के समय लिंगानुपात में राज्य ने देश में सबसे तेज सुधार दर्ज करते हुए इसे 857 से बढ़ाकर 868 कर लिया है। महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रसव पूर्व लिंग जांच पर रोक संबंधी कानूनों के सख्त पालन को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य में बेटियों के प्रति समाज की सोच सकारात्मक हुई है। उन्होंने बताया कि एक समय प्रति हजार बालकों पर 810-850 बालिकाएं थीं, जो अब बढ़कर 960-970 तक पहुंच गई हैं।