मान्यता है कि माता पार्वती ने 107 बार जन्म लेने के बाद 108वे जन्म में भगवान शंकर को पति के रूप में प्राप्त किया। हरियाली तीज व्रत के पुण्यफल का उदय होने पर सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति एवं दाम्पत्य जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है। आमतौर पर इस व्रत को विवाहित स्त्रियां ही रखती हैं लेकिन जिन लड़कियों की शादी होने वाली होती है वह भी इसे रखती हैं तथा कुछ लड़कियां अच्छा पति पाने की चाह में भी इस व्रत को रखती हैं।आज राजधानी दून में भी महिलाएं मेहंदी लगवाकर साज श्रृंगार का सामान खरीदारी करती दिखाई पड़ रही वहीं माना जाता है कि लोग अपनी शादीशुदा लड़की की ससुराल में सिंधारा भेजते हैं और इस लिए घेवर का त्यौहार पर महत्व होता है आज मिष्ठान की दुकानों पर लोगों की घेवर खरीदने के लिए भीड़ लग रही।
हरियाली तीज पर बाजारों में रौनक, मेहंदी और घेवर की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़
