उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच ने राज्य आंदोलनकारियों की लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है। मंच का कहना है कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए घोषित 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ अभी भी सभी पात्र आंदोलनकारियों तक नहीं पहुंच पाया है।मंच ने आरोप लगाया कि कई आंदोलनकारी आज भी नियुक्ति, नियुक्ति-संस्तुति और चिन्हीकरण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विशेष रूप से वर्ष 2021 से लंबित चिन्हीकरण के मामलों का निस्तारण नहीं होने पर मंच ने सवाल उठाए हैं।मंच ने शासनादेशों और पुराने सरकारी आदेशों के पालन की समीक्षा कराने, लंबित मामलों की विभागवार सूची सार्वजनिक करने और पात्र आंदोलनकारियों के नियुक्ति एवं नियुक्ति-संस्तुति के मामलों का जल्द निस्तारण करने की मांग की है।मंच ने सरकार को सात दिन का समय देते हुए कहा है कि इस अवधि में ठोस और लिखित कार्रवाई नहीं हुई तो राज्य आंदोलनकारी अपने लोकतांत्रिक और अहिंसक अधिकारों के तहत आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे।मंच ने सरकार से आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करने की मांग की है।
राज्य आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम
