उत्तराखंड में आजकल हरेला पर्व की धूम है…जगह-जगह लोग पौधरोपण कर रहे हैं… वहीं भरसार वानिकी एवं एग्रीकल्चर महाविद्यालय में वैज्ञानिक और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर स्नेहा डोभाल का मानना है कि चीड़ और चंदन के पेड़ किसान की आय दोगुनी नहीं 10 गुनी कर सकते हैं….उनका कहना है कि पेड़ों की संख्या बढ़ने से हमारा पर्यावरण तो शुद्ध रहेगा ही इसके साथ ही हमें इससे आय भी अच्छी खासी मिलती है…. उन्होंने वानिकी के क्षेत्र में युवाओं के लिए काफी अच्छा स्कोप बताया…. उन्होंने कहा कि चीड़ अभिशाप नहीं वरदान है, पड़ोसी राज्य हिमाचल में चीड़ के वनों पर तमाम प्रयोग किए जा रहे हैं, क्योंकि इसके नीचे कई औषधीय पौधे उगाए जा सकते हैं, जिनसे किसान की आय कई गुना बढ़ सकती है…. उन्होंने कहा कि इसके नीचे जो मेडिसिनल प्लांट उगते हैं उनको जंगली जानवरों से भी कोई खतरा नहीं है… दरअसल, उत्तराखंड में जंगली जानवरों के कारण लोग खेती-बाड़ी से दूर होते जा रहे हैं… ऐसे में इस तरह की खेती करना काफी फायदेमंद होगा….उन्होंने कहा कि चंदन की खेती से भी सामान्य फसलों के मुकाबले 10 गुना तक मुनाफा मिल सकता है….इसमें मेंटेनेंस कम है और चंदन का एक पेड़ कम से कम एक करोड़ तक बाजार में बिक सकता है…उन्होंने किसान भाइयों से अपील की है कि कम मेहनत में इससे अच्छी कमाई वह कर सकते हैं…
चीड़ और चंदन बनेंगे किसानों की कमाई का नया आधार, 10 गुना आय का दावा
