मुख्यमंत्री धामी ने राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक, जनसहभागिता और त्वरित कार्रवाई पर आधारित मजबूत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाई जाएगी, जबकि संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने वाले साहसी नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने वन्यजीव हमलों के पीड़ितों को समयबद्ध मुआवजा देने, कैमरा ट्रैप, ड्रोन, AI आधारित निगरानी, सोलर लाइट और QRT टीमों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। हरिद्वार कुंभ के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष QRT तैनात करने, वन्यजीव कॉरिडोरों के संरक्षण, प्राकृतिक जल स्रोतों के विकास तथा वनाग्नि प्रबंधन पर भी जोर दिया। बैठक में राजाजी और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सुरक्षा मजबूत करने, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा तथा जनहित की विभिन्न विकास परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के साथ आगे बढ़ाने
वन्यजीव संरक्षण पर धामी सख्त, AI-ड्रोन निगरानी और QRT को करेंगे मजबूत
