खटीमा तहसील क्षेत्र के ग्राम बनमहोलिया में भूमि बंदोबस्त प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी खटीमा को आवेदन सौंपकर मामले में अति आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम बनमहोलिया की भूमि को बंदोबस्त प्रक्रिया के तहत उत्तराखंड शासन द्वारा 22 दिसंबर 2019 को सर्वेक्षण के लिए आदेशित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2021 में भूमि सर्वे टीम ने गांव में पहुंचकर सर्वेक्षण कार्य शुरू किया, जो वर्ष 2024 तक चला।ग्रामीणों के मुताबिक बंदोबस्त प्रक्रिया के दौरान सर्वे टीम के गांव में रहने, कागजी कार्रवाई और अन्य व्यवस्थाओं में ग्रामीणों को आर्थिक खर्च उठाना पड़ा। इसके लिए ग्राम स्तर पर दस सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसके माध्यम से वित्तीय व्यवस्था और आय-व्यय का लेखा-जोखा रखा जाता था।जो फर्जी खतौनी का आरोप था वो निराधार है, और रामानंद का कहना है कि पप्पू साहनी और उनके सहयोगियों द्वारा नेपाल माल लेकर आ रहे थे, एस एस बी द्वारा पकड़ा लिया गया। शक के आधार पर मुझे फसाने की साजिश किया। और आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा ग्रामीण कृषकों को गुमराह कर उनके हस्ताक्षर कराए गए और उनके नाम से कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर एवं गलत राशि दर्शाई गई। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।अब ग्रामीणों की मांग है
बनमहोलिया बंदोबस्त विवाद: ग्रामीणों ने एसडीएम से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
