उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे हो गए हैं। न्याय की मांग को लेकर रामनगर में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। रानीखेत रोड पर कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंका और मामले से जुड़े सवालों के जवाब सार्वजनिक करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने खास तौर पर कथित VIP के नाम और रिजॉर्ट पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए रामनगर में अंकिता भंडारी हत्याकांड की बरसी पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरीं।नगर अध्यक्ष महिला कांग्रेस ललिता उपाध्याय के नेतृत्व में कार्यकर्ता रानीखेत रोड पर एकत्र हुए और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार का पुतला दहन किया।महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष ललिता उपाध्याय ने कहा कि 18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी की हत्या का मामला सामने आया था और अब घटना को चार साल पूरे हो चुके हैं। उनका कहना है कि अंकिता के माता-पिता और उत्तराखंड की जनता के मन में आज भी कई सवाल हैं।प्रदर्शनकारियों ने मामले के दौरान सामने आए VIP के कथित जिक्र को लेकर सवाल उठाया और पूछा कि आखिर वह व्यक्ति कौन था और उसका नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। इसके साथ ही घटना के बाद रिजॉर्ट पर रातों-रात बुलडोजर चलाए जाने को लेकर भी सवाल उठाते हुए पूछा गया कि क्या इससे मामले से जुड़े सबूत प्रभावित हुए।महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष ऊषा जोशी ने कहा कि अंकिता उत्तराखंड की बेटी थी और जब तक मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती तथा अंकिता और उसके परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस कार्यकर्ता आवाज उठाते रहेंगे कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आने चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
अंकिता भंडारी हत्याकांड के चार साल पूरे, न्याय की मांग को लेकर महिला कांग्रेस का प्रदर्शन
